
Thursday, February 20, 2014
Wednesday, February 12, 2014
See one more aap minister truth, demanding AC, Sofa, Coffee machine even the coffee powder
http://www.youtube.com/watch?v=Nt0P5UkfJCs
http://www.youtube.com/watch?v=Nt0P5UkfJCs
Friday, February 7, 2014
Thursday, February 6, 2014
AAP Leader arrest in RAPE case and no action taken by AAP
http://ibnlive.in.com/news/aap-leader-raman-swami-arrested-for-raping-married-woman/449999-37-64.html
http://ibnlive.in.com/news/aap-leader-raman-swami-arrested-for-raping-married-woman/449999-37-64.html
Monday, February 3, 2014
Reality of AAP Through This link
Aam Aadmi Party Daily Say that they are National Party Now, According to Indian Constitution They are Regional Party, How they Claim to be a national Party
Verify These Images by following Government of India Link and Book of CBSE on following link-
Saturday, February 1, 2014
जा दिन जनम भयो केजरी को, दिल्ली धँसी अढाई हाथ ।
झाँकन लगे सब दोगले बगलें, बगुला-भगत खुजावत माथ ।।
करन ब्यबस्था परिबर्तन को, दियौ वोट जनता ने ढेर ।
कहन लगे हमरी पावर में, अब भी कुछ बाकी है फेर ।।
जनलोकपाल तो यों ना मिलता, क्योंकि नियम रजा ना देय ।
लाइन बिछी नहिं सप्लाई की, हम ना दे सकते जल पेय ।।
बिजली "सस्ती" दे देंगे पर, गोवा सम सस्ती नहिं भाय ।
लॉ ऑर्डर की बात न करना, हम तो खुद धरने पे आय ।।
जनदरबार लगावत हम हैं, दूजे की हिम्मत कहाँ बोल ?
भीड़ बढ़े भग जावत हम हैं, फिर ना आवैं खुलती पोल ।।
बँगला गाड़ी "कभी ना लैंगे", "लै लेंगे", "ना लैंगे" ठीक ।
छोटा लैंगे, बड़ा कभी फिर, कुछ दिन तो जाएँ यों बीत ।।
टाइम दीजिए टाइम दीजिए, नए लोग हैं होगी भूल ।
आम आदमी कैसा दिखता, सीखत जा ऍक्टिंग-स्कूल ।।
मेरा धरना, मेरी खाँसी, मेरा मफलर, नया है path ।
जा दिन जनम भयो केजरी को, दिल्ली धँसी अढाई हाथ ।।
जै झाड़ू................... ! जै पोंचा ................. !
झाँकन लगे सब दोगले बगलें, बगुला-भगत खुजावत माथ ।।
करन ब्यबस्था परिबर्तन को, दियौ वोट जनता ने ढेर ।
कहन लगे हमरी पावर में, अब भी कुछ बाकी है फेर ।।
जनलोकपाल तो यों ना मिलता, क्योंकि नियम रजा ना देय ।
लाइन बिछी नहिं सप्लाई की, हम ना दे सकते जल पेय ।।
बिजली "सस्ती" दे देंगे पर, गोवा सम सस्ती नहिं भाय ।
लॉ ऑर्डर की बात न करना, हम तो खुद धरने पे आय ।।
जनदरबार लगावत हम हैं, दूजे की हिम्मत कहाँ बोल ?
भीड़ बढ़े भग जावत हम हैं, फिर ना आवैं खुलती पोल ।।
बँगला गाड़ी "कभी ना लैंगे", "लै लेंगे", "ना लैंगे" ठीक ।
छोटा लैंगे, बड़ा कभी फिर, कुछ दिन तो जाएँ यों बीत ।।
टाइम दीजिए टाइम दीजिए, नए लोग हैं होगी भूल ।
आम आदमी कैसा दिखता, सीखत जा ऍक्टिंग-स्कूल ।।
मेरा धरना, मेरी खाँसी, मेरा मफलर, नया है path ।
जा दिन जनम भयो केजरी को, दिल्ली धँसी अढाई हाथ ।।
जै झाड़ू................... ! जै पोंचा ................. !
Subscribe to:
Comments (Atom)






















